पाठ्यक्रम: GS2/शिक्षा
संदर्भ
- नीति आयोग ने भारत में विद्यालय शिक्षा प्रणाली पर नीति रिपोर्ट: समयगत विश्लेषण और गुणवत्ता संवर्द्धन हेतु नीतिगत रोडमैप जारी की है।
परिचय
- यह रिपोर्ट एक नीतिगत दस्तावेज़ है जो भारत की विद्यालय शिक्षा प्रणाली का व्यापक, दशक-भर का विश्लेषण प्रस्तुत करती है।
- इसमें प्रमुख मानदंड शामिल हैं जैसे – पहुँच और नामांकन, अवसंरचना, समानता और समावेशन, तथा अधिगम परिणाम।
- रिपोर्ट में विस्तृत नीतिगत रोडमैप और व्यापक अनुशंसाएँ दी गई हैं।
प्रमुख निष्कर्ष

- भारत ने प्राथमिक स्तर पर लगभग सार्वभौमिक विद्यालय पहुँच प्राप्त कर ली है, किंतु माध्यमिक स्तर पर छात्रों को बनाए रखने में चुनौतियाँ हैं।
- प्रत्येक 10 में से 4 बच्चे उच्चतर माध्यमिक शिक्षा पूर्ण करने से पहले ही पढ़ाई छोड़ देते हैं।
- इस संरचनात्मक विखंडन का अर्थ है कि केवल 5.4% विद्यालय ही कक्षा 1 से 12 तक सतत शिक्षा यात्रा उपलब्ध कराते हैं।

- अवसंरचना में परिवर्तन: विद्युत और स्वच्छता जैसी आधारभूत सुविधाएँ अधिकांश राज्यों में उच्च स्तर तक पहुँच चुकी हैं, शेष अंतराल कुछ विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों में केंद्रित हैं।
- डिजिटल पहुँच: कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्टिविटी की बढ़ती उपलब्धता डिजिटल सशक्तिकरण की तीव्र गति को दर्शाती है।
रिपोर्ट के अनुसार अनुशंसाएँ
- शिक्षण, अधिगम और विद्यालय प्रशासन में डिजिटल अवसंरचना का एकीकरण।
- प्रयोगात्मक अधिगम हेतु प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और संसाधन केंद्रों को सुदृढ़ करना।
- विद्यालय प्रबंधन समितियों को सशक्त करना और नीचे से ऊपर योजना को संस्थागत रूप देना।
- शिक्षक तैयारी, विषय विशेषज्ञता और व्यावसायिक विकास में सुधार।
- शिक्षा निरंतरता और पुनः प्रवेश मार्गों के माध्यम से ड्रॉपआउट रोकना एवं संबोधित करना।
- पाठ्यपुस्तक पूर्णता से आधारभूत दक्षता और स्तर-आधारित शिक्षण की ओर बदलाव।
- बाज़ार से जुड़ाव बनाना और विद्यालय-आधारित व्यावसायिक शिक्षा की क्षेत्रीय प्रासंगिकता बढ़ाना।

सरकारी पहलें
- शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009: 6–14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा की गारंटी, गुणवत्ता शिक्षा एवं भेदभाव-रहित वातावरण पर बल।
- मध्याह्न भोजन योजना: सरकारी विद्यालयों में छात्रों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराना ताकि उपस्थिति बढ़े, पोषण सुधरे और ड्रॉपआउट दर घटे।
- प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY): वित्तीय समावेशन पर केंद्रित, जिससे निम्न-आय वर्ग के छात्र सरकारी शिक्षा लाभ और छात्रवृत्तियाँ प्राप्त कर सकें।
- माध्यमिक शिक्षा हेतु कन्या प्रोत्साहन योजना: ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को शिक्षा जारी रखने हेतु वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करना।
- स्वच्छ विद्यालय अभियान: विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय और बेहतर स्वच्छता सुविधाएँ सुनिश्चित करना, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा को समर्थन देने हेतु।
- डिजिटल इंडिया कार्यक्रम: शिक्षा में प्रौद्योगिकी के एकीकरण को बढ़ावा देना, डिजिटल अधिगम संसाधनों तक पहुँच प्रदान करना और डिजिटल विभाजन को कम करना।
- छात्रवृत्तियाँ और वित्तीय सहायता: आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति और वित्तीय सहायता कार्यक्रम, जैसे पूर्व-मैट्रिक और पश्च-मैट्रिक छात्रवृत्तियाँ।
- नई शिक्षा नीति 2020:
- प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE) पर बल, विशेषकर 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए।
- विद्यालय और उच्च शिक्षा स्तर पर बहु-विषयक अधिगम को प्रोत्साहन।
- 5+3+3+4 विद्यालय संरचना का परिचय (5 वर्ष आधारभूत, 3 वर्ष तैयारी, 3 वर्ष मध्य, और 4 वर्ष माध्यमिक शिक्षा)।
- रटने की बजाय आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता और समस्या-समाधान पर ध्यान।

स्रोत: AIR
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